Shri Siddhivinayak Aarti (Sukhakarta Dukhahrta Aarti) Lyrics
सुखकार्ता दुखर्त वार्ता विघ्नची ||
नूरवी पूर्वी प्रेम कृपा जयाची ||
सर्वांगी सुंदर उती शेंदुराची ||
कांति झलक मल मुक्ताफलांची.||
जयदेव जयदेव जय मंगल मूर्ति ||
दर्शन मातृ मन कामना फूर्ति ||
जयदेव जयदेव
रत्नाखचित फिर तुझ गौरीकुमरा ||
चंदनाची उती कुमकुमकेशरा ||
हिरेजादित मुकुट शोभातो बड़ा ||
रुंझुनती नुपुरे चरणी घाघरिया ||
जयदेव जयदेव जय मंगल मूर्ति ||
जयदेव जयदेव
दर्शन मातृ मन कामना फूर्ति ||
लंबोदर पीतांबर फणीवरवंदना ||
सरल सोंड वक्रतुंडा त्रिनयन ||
दास रमाचा वट पाए सदाना ||
संकटी पाववे निर्वाणी रक्षावे सुरवरवंदना ||
जयदेव जयदेव
जयदेव जयदेव जय मंगल मूर्ति ||
दर्शन मातृ मन कामना फूर्ति ||
जयदेव जयदेव

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